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गणेश सरस्वती लक्ष्मी को साथ क्यों पूजा जाता है ?

  • Writer: siddharth soni
    siddharth soni
  • Nov 18, 2022
  • 2 min read


आपने दिवाली पर गणेश सरस्वती लक्ष्मी की एक साथ पूजा होते देखी होगी। क्या कभी सोचा है कि इन तीनों की पूजा एक साथ क्यूँ होती है ?


चूंकि ज़्यादातर लोग दिवाली को लक्ष्मी से जोड़ते हैं, लक्ष्मी को पूजते हैं और लक्ष्मी को प्रसन्न करने में ही लगे रहते हैं पर उन्हें भी इन तीनों को साथ पूजते देखा होगा।


इसका कारण काफी रोचक है:





देखिये गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी काम को करने से पहले गणेश को स्मरण किया जाता है, ताकि गणेश कि कृपा से वो काम आसानी और सफलता से संपन्न हो सके। गणेश को विघ्नहर्ता क्यूँ कहा जाता है इस पर भी मैनें एक ब्लॉग लिखा है जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं। लेकिन पहले गणेश सरस्वती और लक्ष्मी को साथ पूजने का कारण जान लें।


तो हमने जाना कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रास्ता आसान और बाधाओं रहित बनाने के लिए पहले गणेश का स्मरण किया जाता है।




सरस्वती विद्या की देवी हैं। विद्या से व्यक्ति सही-गलत में फर्क करना सीख जाता है। सही रास्ते पर चलने से व्यक्ति को अंततः धन यानी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। (सरस्वती की सवारी हंस क्यों हैं इसपर भी मैनें एक ब्लॉग लिखा है, जिसे आप यहां से पढ़ सकते हैं )


इस तरह सरस्वती की कृपा से सही रास्ते पर चलते हुए जब व्यक्ति पर लक्ष्मी की कृपा होती है तो वो कृपा काफी लम्बे समय तक रहती है। इसलिए क्यूंकि विद्यावान व्यक्ति धन को सोच-समझकर काम में लेता है और जब धन का सदुपयोग होता है तो वो फिर ज़्यादा मात्रा में आपके पास आता है (Right investments fetch great profits)


इसलिए गणेश सरस्वती और लक्ष्मी की एक साथ पूजा की जाती है।


कैसा लगा ब्लॉग पढ़कर? नीचे कमैंट्स में अपने विचार ज़रूर लिखें |


धन्यवाद


आपका

Siddharth Soni

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